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कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड केशकाल कृषि विभाग में व्याप्त व्यापक अनियमितता एवं भ्रष्टाचार:- कृषि विभाग छत्तीसगढ़ शासन की राज्य पोषित योजना किसान समृद्धि योजना प्रदेश में संचालित है जिसका उद्धेश्य प्रदेश में उपलब्ध भू-जल का नलकूपों द्वारा समुचित उपयोग एवं फसलों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराकर उत्पादकता एवं फसल सघनता में वृद्धि करना है । इस योजना का लाभ सभी श्रेणी के कृषक को प्राप्त होता है परन्तु लघु व सीमांत कृषकों प्राथमिकता प्रदान की जाती है । इस योजनान्तर्गत नलकूप खनन एवं पम्प प्रतिस्थापन हेतु अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति वर्ग के कृषकों को 43000/-एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के कृषकों को 35000/- तथा सामान्य वर्ग के कृषकों को 25000/- अनुदान दिये जाने का प्रावधान है । वर्ष 20015-16 विकासखण्ड केशकाल में ग्राम गारका के एक कृषक जिसने न तो नलकूप खनन कराया एवं न ही पम्प प्रतिस्थापन कराया और न ही इस योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदन किया किन्तु विभाग ने उसके बैंक खाता में 35000/- जमा करा दिया । कृषक कुछ समझ पाता कि विभाग का अधिकारी उसके घर आकर कृषक को जानकारी दिया कि गलती से दूसरे की राशि उसके खाता में जमा हो गई है । कृषक को कहा गया कि वह राशि को निकाल कर उसे दे देवे । कृषक के घर में रखे 25000/- विभाग के अधिकारी को दे दिया गया और दूसरे दिन बैंक से 10000/- निकाल कर विभाग के अधिकारी को दे दिया गया ज्ञात हो कि वास्तविकता इसके परे है वह राशि उसी कृषक के नाम पर निकाली गई और कृषक से राशि वसूल कर भ्रष्टाचार किया गया। अन्य हितग्राही कृषकों से भी उनको मिलने वाली राशि में से राशि की अवैध वसूली की गई । दो कृषकों से 20000/- 20000/- की राशि का अवैध वसूली की गई । विकासखण्ड केशकाल के सम्पूर्ण प्रकरणों की छानबीन करने पर ऐसे कई प्रकरण प्रकाश में आने की पूर्ण संभावना है । मैं जनहित में शासन से इसकी सम्पूर्ण जांच की मांग करता हॅू।