निजी अस्पतालों में चल रहे लूट एवं लापरवाही के विरोध में ‌‌‌‌‌‌‌‌-----------
    श्री मती भारती तंबोली पति श्री दुष्यंत  तंबोली निवासी शंकर नगर दुर्ग छ0ग0 जो  गर्भवती थी,जिसका रूटिन चेकअप  आरंभ में दुर्ग के निजी अस्पताल में चलता रहा ।
        लगभग 9 वें माह के गर्भ के समय अश्वनी नगर रायपुर छ0ग0के एक तथाकथित नामचीन निजी अस्पताल में चलता रहा ,प्रसव हेतु इस अस्पताल की एक डाॅ0  के नर्सिंग होम में स्वस्थ स्थिति में दिनांक 04.03.2018 सुबह 09 बजे  डाॅक्टर के कहने पर भर्ती कराया गया व एडमिशन चार्ज के रूप में 10,000/- रूपये (दस हजार रूपये)जमा कराया गया , किंतु उक्त रकम के संबंध में कोई बिल नहीं दिया गया और कहा गया कि जब फाइनल बिल होगा तो बिल उसमें समायोजित हो जावेगी । भर्ती के दौरान डाॅक्टर के द्वारा कहा गया कि अभी समय नहीं आया है थोड़ा इन्तजार करते हैं यह कह कर डाॅक्टर के द्वारा उक्त तिथि को गर्भवती  को रोक कर रखा गया।
    दूसरे दिन दिनांक 05.03.2018 को सुबह 11 बजे डाॅक्टर के द्वारा आपरेशन थियेटर ले जाया गया , लगभग 3 बजे दोपहर डाॅक्टर के द्वारा बताया गया कि प्रसव हेतु आपरेशन करना पड़ेगा जिसके पश्चात आपरेशन किया गया किन्तु आपरेशन के पूर्व डाॅक्टर के द्वारा कोई भी रक्त जांच व एक्सरे नहीं कराया गया ।
       दोपहर लगभग 04.15 बजे डाॅक्टर के द्वारा लड़की होने की सूचना दी गई व बताया गया कि बच्ची और उसकी माता दोनों स्वस्थ हैं जिसके उपरान्त बच्ची को हाॅस्पीटल स्टाॅफ के द्वारा परिवार वालों को सौंपा गया तथा इस दौरान डाॅक्टर के द्वारा प्रसूता को आॅपरेशन थियेटर में ही रखा गया।
      बहुत समय बाद भी आॅपरेशन थियेटर से बाहर  नहीं निकाले जाने पर परिजनों द्वारा के प्रसूता के स्वास्थ्य के बारे में लगातार डाॅक्टर से पूछे जाने पर डाॅक्टर ने प्रसूता का स्वास्थ्य ठीक है, का आश्वासन देते हुए चिन्ता की कोई बात नहीं है, सब ठीक है यह कहा गया ।
      डाॅक्टर से निवेदन करने पर शाम लगभग 7 बजे आॅपरेशन थियेटर में ही परिजनों को मिलने दिया गया जहां प्रसूता को खुले स्ट्रेचर में लिटाया गया था इसके पश्चात डाॅक्टर के द्वारा रक्त जांच किये जाने हेतु प्रसूता का ब्लड सेम्पल लिया गया व डाॅक्टर के द्वारा कहा गया कि 1 यूनिट बी -पाॅजिटिव ब्लड की आवश्यकता है , आप ब्लड की व्यवस्था कर लिजिए , यह कहने पर हमने तुरन्त बी -पाॅजिटिव ब्लड की व्यवस्था की जिसे रात्रि 9.00 बजे को प्रसूता को चढ़ाया गया ।
      रात लगभग -01 बजे प्रसूता की माॅ श्री मती मीना  महोबिया को कहा गया कि प्रसूता को दूसरे हाॅस्पीटल  में शिफ्ट करना पड़ेगा अपने परिवार वालों में पुरूषों को बुला लो जिसके पश्चात परिवार वालों को सूचना मिलते ही रात -01.15 बजे हाॅस्पीटल पहुंचे । डाॅक्टर ने  कहा  कि प्रसूता को यूरीन ठीक से नहीं आ रहा है, साधारण सी बात है , आप बाकी के 30,000/- रूपये (तीस हजार रूपये) अभी जमा करा दीजिए यह कहने पर हमने 30,000/- रूपये (तीस हजार रूपये)  जमा कर दिये जिसकी कोई रसीद नहीं दी गई ।
       डाॅक्टर ने कहा कि मैं डाॅक्टर .........से फोन में बात कर ली हूॅं और मैं अपने मरीज को वहीं रिफर करती हूॅं वहां ज्यादा अच्छा उपचार मिलता है और डाॅक्टर अभी हाॅस्पीटल भी आ गये हैं तो तुरंत उपचार हो जायेगा बाकी जगह अभी कोई डाॅक्टर नहीं मिलेगा ।
    डाॅक्टर के द्वारा यह कहने पर कि डरने की कोई बात नहीं है परिजन डाॅक्टर की बातों में विश्वास कर लिए फिर डाॅक्टर, प्रसूता को अपने साथ रात लगभग -01.30 बजे राजा तालाब रायपुर स्थित एक तथाकथित नामचीन निजी अस्पताल के एम्बुलेंस से  उस अस्पताल में ले कर गये जहां   के डाॅक्टर  द्वारा कहा गया कि प्रसूता को इन्फेक्शन हुआ है जो संख्या में 17,200 है ।
           इससे स्पष्ट होता है कि प्रसव कराने वाली अश्वनी नगर रायपुर छ0ग0के एक तथाकथित नामचीन निजी अस्पताल की डाॅक्टर के द्वारा गलत व असुरक्षित आॅपरेशन किया गया जिसके कारण से  इन्फेक्शन फैल गया ।
          इस दौरान  उपचार चला व उपचार के कुछ समय बाद पुनः ब्लड टेस्ट किया गया जिसमें इन्फेक्शन  का लेबल दिनांक 06/03/2018 को 37,200 बताया गया फिर डाॅक्टर से हालचाल जानने बात किया गया तो डाॅक्टर ने बताया कि यूरीन अभी तक प्रापर पास नहीं हो रहा है और इन्फेक्शन भी काफी बढ़ा हुआ है इसके पश्चात प्रसूता को वेंटिलेटर में रखा गया ।
               डाॅक्टर के द्वारा कहा गया कि ऐसी स्थिति में इसका इलाज केवल मेडिसीन - TORAYMXYIN PMX 20R  ही संभव है जिससे पूरा इन्फेक्शन   खत्म हो जायेगा लेकिन ये मेडिसीन 1,50,000/- रूपये (एकलाख पचास हजार रूपये ) में मिलेगा जो रायपुर में नहीं मिल सकता तथा इसे इंदौर या मुंबई से मंगवाना पड़ेगा यह कह कर डाॅक्टर ने एक मोबाइल नं0 -93000-40999 दिया और कहा कि इससे बात कर लो ये आपको उक्त मेडिसीन उपलब्ध करा देगा ।
   इस दौरान डाॅक्टर के द्वारा डाॅयलेसिस की प्रक्रिया शुरू की गई उक्त नम्बर से बात करने पर बताया गया कि शाम तक फ्लाइट से उक्त मेडिसीन आ जावेगा , वह आपको उक्त मेडिसीन राशि 1,41,529 रूपये (एक लाख इक्चालीस हजार पांच सौ उन्तीस रूपये) पड़ेगा । लेकिन पैसा कैश में देना होगा  , उनके बताये अनुसार उक्त मेडिसीन का आर्डर कर दिया व शाम -7.00 बजे मेडिसीन उपलब्ध हो गया , बिल मांगने पर उक्त मेडिसीन का बिल भी नहीं दिया गया केवल वाॅट्सऐप में बिल भेज दिया गया । इस दौरान मरीज/ मृतका 6 यूनिट ब्लड प्लेट्स चढ़ाया गया फिर डाॅक्टर द्वारा कहा गया कि उक्त डायलेसिस की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत मेडिसीन -TORAYMXYIN PMX 20R  से डायलेसिस करना होगा फिर सब ठीक हो जायेगा ।
        रात में करीब लगभग -10.00 बजे पुनः TORAYMXYIN PMX 20R  से डायलेसिस किया गया जो कि दिनांक 07/03/2018 सुबह लगभग -03.30 बजे तक चला फिर पुनः ब्लड जांच किया गया जिसकी रिपोर्ट सुबह लगभग -08.30 बजे मिला । जिससे इन्फेक्शन 75,000 की संख्या  में बताया गया ।
           डाॅक्टर से सम्पर्क करने पर डाॅक्टर ने कहा कि सारी मेडिसीन व एन्टीबायोटिक चल रही है TORAYMXYIN PMX 20R  भी रिजल्ट देने में 6 से 8 घंटे लगाती है तो थोड़ा इंतजार करके देखना पड़ेगा । पुनः दोपहर -01.00 बजे हालात में सुधार नही देखे जाने पर जब डाॅक्टर  से पूछा गया तो डाॅक्टर ने कहा कि मैं तो पूरी कोशिश कर रहा हूॅं अब मेरे समझ के बाहर है फिर डाॅक्टर के द्वारा कुछ नहीं कर सकने की बात  कहने पर प्रसूता को बालाजी हाॅस्पीटल में ले जाने का निर्णय दिया जिसे लगभग दोपहर -02.00 बजे बालाजी हाॅस्पीटल शिफ्ट करने की तैयारी  की गई , शिफ्टिंग के तैयारी के समय प्रसूता होश में थी व इशारों में नोटशीट व पेन मांगने से व नोटशीट व पेनदेने पर बड़ी मुश्किल से वो नोटशीट में बेबी लिखकर अपनी बच्ची को पूछी फिर प्रसूता को दिनांक 07/03/2018 को दोपहर 02.30 को बालाजी हाॅस्पीटल ले जाया गया ,जहां उपचार के दौरान दोपहर 03.10 को उसे मृत घोषित कर दिया गया ।
       उक्त घटना  अश्वनी नगर रायपुर छ0ग0के एक तथाकथित नामचीन निजी अस्पताल के डाॅ0  के द्वारा आॅपरेशन के दौरान आॅपरेशन में लापरवाही बरते जाने के कारण व राजा तालाब रायपुर स्थित एक तथाकथित नामचीन निजी अस्पताल के डाॅ0 के द्वारा लापरवाही पूर्वक ईलाज किये जाने के कारण हुई है व उक्त लापरवाही व गंभीर स्थिति को डाॅक्टर  द्वारा छिपाकर व डरने की कोई बात नहीं है ,कह कर परिवार वालों को गुमराह किया गया जिससे श्री मती भारती तंबोली पति श्री दुष्यंत  तंबोली निवासी शंकर नगर दुर्ग छ0ग0 बच नही पाई , मृत्यु के कुछ समय पश्चात उक्त दोनों हाॅस्पीटल से उपचार से संबंधित दस्तावेज की मांग किये जाने पर अलग- अलग दिनांक में आने को बोलकर हील-हवाला किया जा रहा था ।
          इसके पश्चात पुनः दिनांक 24/04/2018 को उसके भाई द्वारा दोनों डाॅक्टर से उक्त उपचार के संबंध में दस्तावेज की मांग की गई जिसे राजा तालाब रायपुर स्थित एक तथाकथित नामचीन निजी अस्पताल के डाॅक्टर ने हाॅस्पीटल का इंटिरियर डाक्युमेंट्स होना कह कर देने से इंकार कर दिया व अश्वनी नगर रायपुर छ0ग0के एक तथाकथित नामचीन निजी अस्पताल के  प्रसव कराने वाली डाॅक्टर  एवं उसके पति के द्वारा भी उपचार से संबंधित दस्तावेज हाॅस्पीटल में भुगतान की गई राशि के संबंध में बिल व रूटीन चेकअप के दस्तावेज देने से इंकार कर दिया गया व कहा गया कि आप लोग हमारी संस्थान के बारे में दुष्प्रचार कर रहे हो, हमारे खिलाफ कोई कार्यवाही मत करना ,अन्यथा हम आप लोगों के पूरे परिवार को झूठे केसों में मानहानि के आरोप में फंसा देंगे ।
     उक्त संबंध में प्रसूता के भाई ने पुलिस में लिखित शिकायत करते हुए विधिवत जांच चाहा है  व आरोपी हाॅस्पीटल व डाॅक्टर के खिलाफ कड़ी कार्यवाही चाहा है । इसके साथ ही दोनों हाॅस्पीटल से संबंधित दस्तावेज जब्त किये जाने की मांग किया है ।
          मैं यह लेख करने का लोभ-संवरण नहीं कर पा रहा हूॅं कि जहां उपरोक्त मृतका का भाई अधिवक्ता है वहीं बताया जाता है कि मृतका के पिता भी अधिवक्ता हैं ।
     ज्ञात हो कि अब तक पुलिस ने प्राथमिकी पंजीबद्ध  नहीं किया है ।
             मैं शासन से जनहित में इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग करता हूॅ ।
                                                  कृष्णकुमार ध्रुव
                                               पूर्व विधायक ,केशकाल

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